Wednesday, June 9, 2010

सर ख़रोची की तम्मना

सर ख़रोची की तमन्ना अब हमारे जी में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए कैंची में है

आज बतला देंगे sabko himmate marda hain hum 
बाल सर पे जादा हैं to katwaane mein kya sharam
बाल कटवाते ही मज़ा आये है जो AC में है
सर ख़रोची की तमन्ना अब हमारे जी में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए कैंची में है

barber बाल काटे कम, है बोले पर बड़ा
फूटता है मोहल्ले के हर issue का उसके यहाँ घड़ा 
बक बक है करता जैसे न्यूज़ किसी TV में है
सर ख़रोची की तमन्ना अब हमारे जी में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए कैंची में है


baal lambe rakhna humko bhi hai man par kya kahun 
poora saal garmiyon mein in sang kaise rahun 
lambe baalon ka maza to mausamein sardi mein hai 

सर ख़रोची की तमन्ना अब हमारे जी में है 
देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए कैंची में है

जितेश मेहता



  

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