आज मैं जिससे मिला वो लड़की दिखने में dusky थी
आवाज़ जो दिल को छू गयी आवाज़ उसकी husky थी
(आज मैं जिससे मिला उस लड़की का रंग गेहूँआ था
आवाज़ में वो गहराई थी जैसे गहरा भरा कोई कुआँ था)
बाल थे जैसे काली रात के बादलों का झुण्ड
जुबां से गिरते शब्द जैसे अमृत का कुंड
उसकी आँखें कंचे जिसमे दुनिया पूरी समाई
हिलती काली पुतली उसमे जिसमे गंगा सी गहराई
उसके दांत संगे मर-मर चमके तर्रों से चम चम
हर सांस में इतनी खुशबू जीवन को महका दे हर दम
अब न जाने दिल उसको क्यों भूल नहीं पाता है
अन्दर कुछ कुछ कुछ कुछ होता है
बस ध्यान उसी तरफ जाता है
- जितेश मेहता
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I wonder who is the inspiration here...Sameera Reddy or AMMMMUUUUUHHHHH.....:-(
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